General Science in Hindi Part-2

Questions and answers of General Science in Hindi
प्रश्न6:- एक व्यक्ति समान दुरी पर स्थित क्षैतिज एवं उर्ध्वाधर रेखाओं को एक साथ स्पष्ट क्यों नहीं देख पाता है?
उत्तर:-एक व्यक्ति समान दुरी पर स्थित क्षैतिज एवं उर्ध्वाधर रेखाओं को एक साथ स्पष्ट नहीं देख पाता है क्योंकि वह दृष्टि वैषय रोग से ग्रसित है जो कि नेत्र कार्निया की गोलाई में अनियमितत्य के कारण उत्पन्न होता है। इस दोष के निवारण हेतु बेलनाकार लैन्स का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न7:-कम्बल को डंडे से मारने पर धुल क्यों उड़तीं है?
उत्तर:-जब हम कम्बल पर डंडा मारते है तो कम्बल आगे की ओर गति करता है, धुल के कण जड़त्व के कारण अपने स्थान पर रह जाते है इस प्रकार कम्बल एवं धुल के कण अलग-अलग हो जाते है तथा धुल नीचे की ओर गिरने से उड़ती हुई प्रतीत होती है।

प्रश्न8:-पानी के पैंदे पर रखा सिक्का ऊपर उठा हुआ क्यों दिखाई देता है?
उत्तर:-पानी के पैंदे पर रखे सिक्के का ऊपर उठा हुआ दिखाई देने का प्रमुख कारण प्रकाश का अपवर्तन है। बिंदु 0 पर रखे सिक्के से चलने वाली प्रकाश किरणें पानी की सतह से अपवर्तित होकर नेत्र में प्रवेश करती है। इन अपवर्तित किरणों को पीछे की ओर बढ़ाने पर जहाँ पर भी मिलेगी वहीँ हमें सिक्का दिखाई देगा अर्थात 0 से0। पर दिखाई देगा।

प्रश्न9:-सड़क पर चलते समय केले के छिलके पर पाँव पड़ जाने पर व्यक्ति क्यों फिसल जाता है?
उत्तर:-सड़क पर चलते समय व्यक्ति अपने पैरों से जमीन को पीछे की ओर धकेलता है। जिससे उसके पैर एवं जमीन के मध्य घर्षण बल भी कार्य करता है लेकिन पैर के नीचे केले के छिलके के आने पर पैर से केला पीछे जाता है और केले के चिकने होने के कारण घर्षण न होने के कारण व्यक्ति फिसल जाता है।

प्रश्न10:-तारे टूटते हुए क्यो दिखाई देते है?
उत्तर:-अन्तरिक्ष में अनेकों बड़ी-बड़ी रचनाएँ उपस्थित है जो पृथ्वी से अरबों किलोमीटर की दुरी पर स्थित है जिन्हें हम तारों के रूप में देखते है। जब वे बाहरी अन्तरिक्ष से वायुमंडल में प्रवेश करते है तो हवा की रगड़ से गर्म होकर चमकने लगते है ये उल्कायें भी कहलाती है अधिकांश उल्कायें वायुमंडल में पूरी तरह जल जाती हैं लेकिन कुछ बड़े उल्का पिण्ड पृथ्वी तक पहुँच जाते हैं उन्हें जब गिरता हुआ देखते है तो हम कहते है कि तारा टूट रहा है।

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